Life and Journey of Superstar

नृत्य और अभिनय का मधुर संगम माधुरी दीक्षित
         mdhuri-jpg_081905.jpg  माधुरी दीक्षित की सुंदरता चित्रकार एम एफ हुसैन  के लिए प्रेरणा है तो दिग्गज निर्देशको  के किए कहानी कहने का एक सशक्त   माध्यम... तभी  तो फिल्म उद्योग  ने उन पर एक  फिल्म ही  बना डाली क्यो की माधुरी दीक्षित  की सफलता एक मिसाल  है. हिन्दी फ़िल्मो मे माधुरी ने  एक ऐसा मुकाम तय किया है जिसे आज की  अभिनेत्रिया अपने लिए आदर्श मानती है . अपने लाजवाब नृत्य    और स्वाभाविक  अभिनय का ऐसा जादू था माधुरी पूरे देश की धड़कन बन गयी. १५  मई १९६७  मुंबई मे मराठी ब्राह्मण परिवार मे माधुरी दीक्षित का जन्म हुआ .  पिता शंकर दीक्षित  और माता स्नेहलता  दीक्षित  की लाडली माधुरी को बचपन से डॉक्टर बनाने की चाह थी  और शायद यह भी एक वजह  रही की माधुरी  ने अपना  जीवनसाथी श्री राम नेने को चुना जो की पेशे से एक चिकित्सक है.  डिवाइन चाइल्ड हाई स्कूल के बाद मधुरी दीक्षित  ने मुंबई यूनिवर्सिटी से स्नातक की शिक्षा पूरी की  और बचपन से ही नृत्य के प्रति विशेष रूचि थी जिसके लिए माधुरी ने नृत्य मे भी आठ वर्ष का प्रशिक्षण  लिया.


अस्सी और नब्बे के दशक मे माधुरी ने हिन्दी फ़िल्मो मे अभिनय का सुहाना सफ़र तय किया. १९८४  मे फिल्म अबोध से माधुरी ने अपने कैरियर की शुरुवात  की हलाकी  इस फिल्म को व्यावसायिक सफलता नही मिली लेकिन माधुरी  के काम को सराहा गया. इसके बाद आयी  फिल्म दयावान और वर्दी से उन्हे  कोई विशेष प्रतिसाद नही मिला.  इसके बाद सन १९८८  मे फिल्म तेज़ाब ने माधुरी दीक्षित  को रातो रात  हिन्दी फ़िल्मो की अग्रणी अभिनेत्रियो की कतार  मे खड़ा कर दिया.  तेज़ाब का गीत एक दो तीन  शादियो से लगाकर स्कूल की  प्रतियोगिताओ मे प्रचलित हो गया और इसके लिए माधुरी दीक्षित  को फिल्म फेयर  का पहला  नामांकन भी मिला. इसके बाद फिल्म रामलखन, परिंदा, त्रिदेव और किशन कन्हैया  फ़िल्मो के ज़रिए माधुरी दीक्षित सफलता की नये कीर्तिमान बनाए. 


माधुरी दीक्षित  के फिल्मी सफ़र मे निर्देशक इंद्रा कुमार  ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पहली बार १९९०  मे रोमॅंटिक कामेडी’ दिल ‘ के साथ माधुरी दीक्षित  और आमिर ख़ान की जोड़ी को लोगो ने बहुत पसंद किया . इंद्रा कुमार  निर्देशित  इस फिल्म मे  मधु मेहरा का किरदार निभाया जो एक बहुत अमीर लड़की  है और अपने प्यार को पाने के लिए घर टक छोड़ देती है . फिल्म "दिल" साल की सबसे सफल फिल्म साबित हुई और फिल्म मे अपने बेहतरिन अभिनय के लिए माधुरी दीक्षित  को फिल्म फेयर का सर्वश्रेष्ट   अभिनेत्री   का अवॉर्ड दिया गया.  माधुरी ने फिल्म दिल के बाद भी निर्देशक इंद्र कुमार के साथ राजा और बेटा जैसे हिट फ़िल्मे भी की. 


फिल्म दिल  के बाद साजन, बेटा, खलनायक  जैसे फ़िल्मो के साथ माधुरी ने   हिट फ़िल्मो का सिलसिला जारी रखा. इन्द्र कुमार  निर्देशित फिल्म बेटा मे मधुरी दीक्षित  ने एक ऐसी विवाहित महिला का किरदार निभाया जिसका पति अशिक्षित और भोला  है. पति को उसकी सौतेली माँ  के गलत इरादो से बचाने के अभिनय के लिए उन्हे दूसरी बार फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ट   अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया. 


इसी तरह सन १९९४  मे राजश्री  निर्मित फिल्म हम आपके है कौन ने बॉक्स आफिस  पर नये किर्तिमान  बनाए  . फिल्म मे निशा का किरदार बहुत ही चुलबुला था जो कहानी के साथ संजीदा हो जाता है . मधुरी दीक्षित  को तीसरी बार सर्वश्रेष्ट अभिनेत्री का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला. हालाकी इसी साल प्रदर्शित  फिल्म अंजाम दर्शको को पसंद नही आई लेकिन इसे  भी समीक्षको ने माधुरी दीक्षित के किरदार को सराहा . माधुरी दीक्षित  ने अपने फिल्मी सफ़र मे  हमेशा ऐसे फिल्म और किरदार किए जिसमे उन्हे कुछ ख़ास पसंद आता था  १९९७  मे फिल्म दिल तो पागल है की माया का किरदार एक बार फिर  उनके चाहनेवालो  को बहुत पसंद आया. प्रकाश झा निर्देशित फिल्म मृत्युदंड ने भी माधुरी दीक्षित के अभिनय को लोगो ने पसंद किया. इसके बाद मधुरी दीक्षित  ने  १९९९  मे अमेरिका स्थित चिकित्सक श्री राम माधव नेने से विवाह किया.  मधुरी दीक्षित ने अच्छी फ़िल्मो मे अपनी दिलचस्पी को बनाए रखा . २००२  मे संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म देवदास मे चन्द्रमुखी के किरदार को निभाया . ऐश्वर्या राय के साथ फिल्माया गया गीत मन डोला रे बहुत ही लोकप्रिय हुआ जिसमे ऐश्वर्य और माधुरी का नृत्य की तुलना  की गई और माधुरी इस पुरी फिल्म मे ऐश्वर्या के मुकाबले कम दृश्य होने के बावजुद भी सबको प्रभावित करने मे सफल रही Iअपने फिल्मी करियर के साथ् ही  शादी के बाद माधुरी ने बच्चो और घर गृहस्थी  को समय देन मुनासिब समझा I लेकिन अपने प्रसंशक और अभिनय के प्रति झुकाव के चलते माधुरी ने एक बार फिर फिल्म आज नचले के साथ् परदे पर वापसी की . यह फिल्म भले ही व्यवसायिक  सफ़ल नही रही लेकिन उनके अभिनय और नृत्य  लाजवाब रहा.
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माधुरी  दीक्षित अपने कुशल नृत्य  के लिए पह्चानी जाती है . अपने कैरियर के पहले हिट गीत एक दो तीन ,  धक धक , चने के खेत मे (अंजाम), दीदी तेरा देवर( हम आपके है कौन), चोली के पीछे क्या है, मेरा पिया घर आया ओ रामजी, मार डाला  माधुरी दीक्षित अभिनित कुछ ऐसे गाने है जो   आज कल  टीवी पर आर चल रहे डान्स रियालिटी  शो  के लिए महत्वपूर्ण  नंबर है .


भारत सरकार द्वारा उन्हे  सर्वश्रेष्ट नागरिक सम्मान पदमश्री  दिया गया है  .माधुरी  अपने दोनो बच्चे अरीन और रायन के साथ अमेरेका मे रहती है .   अभी हाल मे हि टी वी पर झलक दिखला जा मे बतौर निर्णायक  उनकी मौजुदगी दर्शको को बहुत पसंद आयी  माधुरी  जल्द ही नाई फिल्म मे नजर आनेवाली है  लेकिन आज जब अभिनेत्रिया अभिनय कम, अंग प्रदर्शन और ग्लैमर मे सहारे अपने करियर की नैया पार लगा रही है तब भी फिल्म  उद्योग मे आनेवाली हर नयी अभिनेत्री का एक ही सपना होता है की मै माधुरी दीक्षित बनाना चाहती हूँ.