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नयी चाशनी में पुराना फार्मूला :साहब बीबी और गैंगस्टर
       Saheb-Biwi-Aur-Gangster-Review-01.jpg      निर्देशक तिग्मांसू  धुलिया अपनी अलग कहानी और निर्देशन के लिए जाने जाते है. फिल्म बवंडर और हासिल जैसी फिल्मे उन्हें एक अच्छे कहानीकार और निर्देशक के रूप में  साबित करती है हिंदी फिल्म इतिहास में साहब बीबी और गुलाम एक मिल का पत्थर मानी जाती है इसी के आधुनिक संस्करण साहब बीवी और गैंगस्टर है  फिल्म में जिम्मी शेरगिल रणदीप हुड्डा और माहि गिल प्रमुख भूमिकाये निभा रहे है. कहानी उत्तर भारत के एक छोटे से शहर में रहने वाले एक नवाब, उनकी बेगम और महत्वाकांक्षी लड़के की कहानी है. अपनी पैतृक कोठी में नवाब रहते हैं और उसी शानो -शौकत को संभालने की कोशिश में लगे रहते हैं जो उनके पुरखों की थी, लेकिन बदलते समय, आर्थिक परेशानियों और रखैल के यहां जाने जैसे शाही शौकों के कारण नवाब साहब तंगी से गुजर रहे हैं. साथ ही नवाब साहब के राजनैतिक विरोधी गेंदा सिंह ने उनकी नाक में दम कर रखा है. गेंदा वो प्रशासनिक अधिकार चाहता है जो नवाब साहब की रॉयल फैमिली को वर्षों से प्राप्त है. नवाब साहब एक खूबसूरत रखैल पर फिदा हैं जिसकी वजह से उनकी बेगम परेशान रहती हैं. बेगम चाहती हैं कि नवाब साहब उनका ध्यान रखें, उनके साथ समय व्यतीत करें, लेकिन नवाब साहब के पास बेगम के लिए वक्त कहां. अपनी लाइफ स्टाइल को मेंटेन  रखने के लिए नवाब साहब लोगों के कत्ल करने की सुपारी लेने लगे. पैसों की उन्हें सख्त जरूरत भी है क्योंकि आने वाले चुनाव में उन्हें लड़ना है. कहानी बस इन्ही ताने - बने में बुनी है वैसे बोलिउड़ में रीमेक फिल्मो के सिलसिले में यह एक अच्छी फिल्म साबित हो सकती है.