Life and Journey of Superstar

श्रीदेवी ने चुलबुले किरदारों के साथ सफलता के नये कीर्तिमानो को छुआ !
              sridevi-jpg_081257.jpg  श्रीदेवी के नाम के साथ ही उभरता है एक ऐसा चेहरा जो परदे पर कई चुलबुले किरदारों को जीवंत कर देता है . बात चाहे उनकी नखरेवाली फिल्म ' मिस्टर इंडिया' के किरदार हो या फिर फिल्म 'सदमा' का किरदार हो जो दर्शकों के मन को छू जाता है तो फिल्म 'लम्हे ' में उनके द्वारा क्रमश: पल्लवी और पूजा का किरदार जिसने फिल्म में दो अलग -अलग व्यक्तित्व को परदे पर साकार किया और इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया था .हिंदी सिनेमा जगत की अगर सबसे चुलबुली अभिनेत्री का ख़िताब दिया जाये तो श्रीदेवी इस ख़िताब की सबसे प्रबल दावेदार होंगी. अपने अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा जगत में अभिनेत्री की छवि को भी चुलबुली बना दिया साथ ही उन्होंने कई ऐसी हिंदी फिल्मों में अभिनय किया जो महिला प्रधान विषय पर आधारित थी . श्रीदेवी का जन्म १३ अगस्त ,१९६३ को शिवकाशी , तमिलनाडु में हुआ था . उनके पिता का नाम अय्यपन और मां का नाम राजेश्वरी है . उनके पिता एक वकील थे . अभिनय तो उनके खून में बसा हुआ था . श्रीदेवी ने फिल्मों में काम करना चार साल की उम्र से ही शुरू कर दिया था . बतौर बाल कलाकार के रूप में श्रीदेवी ने " कंदन करूणाई " में भगवन शिव का किरदार निभाया था . इसके अलावा भी उन्होंने कई तेलुगु और तमिल फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम किया है. लेकिन बड़े परदे पर श्रीदेवी को सबसे पहले एक अभिनेत्री के तौर पर के. बालाचंदर की 'मुंदरु मुडीचु' में काम करने का मौका मिला फिर तो इसके बाद वह रजनीकांत और कमल हासन के साथ कई हिट फिल्मों में काम किया .तमिल भाषा में उन्होंने अभिनेता कृष के साथ ३० से अधिक फिल्मों में अभिनय किया . दक्षिण भारतीय फिल्मों से अपने अभिनय की शुरुवात करने वाली श्रीदेवी ने हमेशा सफलता के नए कीर्तिमान छुए.


हिंदी फिल्मों में श्रीदेवी ने सबसे पहले १९७५ में फिल्म "जुली " में सह अभिनेत्री के रूप में नजर आई. यह एक बाल कलाकार का किरदार था जिसमें श्रीदेवी अभिनेत्री लक्ष्मी की छोटी बहन की भूमिका में नजर आई लेकिन यह उनके लिए आशातीत सफल फिल्म साबित नहीं हुई . श्रीदेवी को परदे पर सबसे पहले सराहा गया १९७८ में आई फिल्म " सोलहवां सावन " से जो उन्हीं की तेलगु फिल्म पथिनारू वयाभिनुले (१९७७ )का हिंदी संस्करण था . लेकिन यह फिल्म भी आर्थिक तौर पर बहुत सफल नहीं रही . हालांकि अब श्रीदेवी बॉलीवुड के लिए अंजान नाम नहीं रह गई थी . इसके बाद १९७३ श्रीदेवी के कामयाबी का वर्ष साबित हुई जब फिल्म "हिम्मतवाला " से बॉलीवुड में श्रीदेवी व्यवसायिक सफलता मिली तो फिल्म 'सदमा' में उनके अभिनय को फिल्म समीक्षक के साथ ही  आम दर्शकों को भी पसंद आई .फिल्म 'सदमा ' उनकी तमिल फिल्म 'मुन्द्रम ' की रीमेक थी . इस फिल्म  में उनके अदितीय अभिनय के लिए फिल्म फेयर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला तो सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय अवॉर्ड के लिए नामांकन किया गया था . फिल्म 'हिम्मतवाला ' में श्रीदेवी और जितेंद्र की जोड़ी की लोगों ने खूब पसंद किया और इसके बाद तो यह बॉलीवुड की सबसे कामयाब जोड़ियों में गिनी जाने लगी . जितेंद्र के साथ श्रीदेवी ने "तोहफा ", "मवाली ", "जस्टिस चौधरी ", जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया . श्रीदेवी के कैरियर का यह सबसे अच्छा दौर कहा जा सकता हैं जब १९८६ में फिल्म 'नगिना' का प्रदर्शन हुआ . ऐसा भी कह सकते हैं की हिंदी फिल्मों में महिला पात्रों पर केन्द्रित बहुत ही कम  फिल्मों में से एक 'नगिना' उस समय की खास फिल्म  रही . अस्सी के दशक में श्रीदेवी ने कई फिल्मों में सफलता मिली "कर्मा" , "सुहागन ", "जांबाज ", "जोशीले ", " मिस्टर इंडिया ", "चालबाज ", "चांदनी ", आदि .इस सभी फिल्मों में श्रीदेवी के किरदार के साथ ही उनकी अदाएं ,उनका स्टाइल ,गाने , नृत्य, सबकुछ हिट हुआ . १९९० में फिल्म "चालबाज " के लिए पहला फिल्मफेयर बेस्ट  ऐक्ट्रेस अवॉर्ड जीता था. श्रीदेवी के करियर में यह ठहराव का समय था जब निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म 'चांदनी ' प्रदर्शित हुई .श्रीदेवी इस फिल्म के साथ एक बार फिर नंबर १ की अभिनेत्री की कुर्सी पर पहुंच गई . इस फिल्म के गीत संगीत और श्रीदेवी का फैशला बहुत लोकप्रिय हुआ . फिल्म में श्रीदेवी की 'चांदनी ' ड्रेस लोगों ने बहुत पसंद की उन दिनों युवतियों को यह सबसे पसंदीदा फैशन ड्रेस रही .


निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म "मिस्टर इंडिया " के गाने "हवा हवाई "ने श्रीदेवी की बॉलीवुड की मिस हवा हवाई का एक नए ख़िताब से नवाजा .यह फिल्म एक सुपरहिट  साबित हुई और आज भी २५ सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्मो की  सूचि में शामिल हैं . श्रीदेवी की एक और फिल्म 'चांदनी 'भी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक थी . फिल्म "चालबाज "के लिए श्रीदेवी को पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर ख़िताब मिला . इस फिल्म में उन्होंने डबल रोल किया था . श्रीदेवी ने कई अभिनेताओं के साथ पर्देपर जोड़ी बनाई जिसे लोगिन ने खूब पसंद किया जैसे जितेंद्र,अनिल कपूर ,मिथुन चक्रवर्ती आदि अमिताब बच्चन जैसे बड़े कलाकार के साथ भी श्रीदेवी की जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया . 


अपने एक्टिंग करियर में श्रीदेवी ने अभिनेत्री जयाप्रदा के साथ भी बहुत काम किया. बॉलीवुड में श्रीदेवी और जयाप्रदा की दोस्ती आज भी एक मिसाल के तौर पर देखी जाती है .दोनों अभिनेत्रियों ने कई फिल्मों में साथ काम किया .फिल्म "रूप की रानी चोरो का राजा" के फ्लॉप होने के बाद से श्रीदेवी का ग्राफ गिरता चला गया. बाद के सालों में उन्होंने "गुमराह","लाडला ","जुदाई ", जैसी फिल्मों में काम किया. २ जून ,१९९६ को श्रीदेवी ने फिल्म निर्माता बोनी कपूर से शादी कर ली. शादी के बाद से श्रीदेवी ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया और १९९७ की फिल्म "जुदाई ", के बाद से उन्होंने फिल्मों में काम करना छोड़ दिया और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़ गई . अब एक बार फिर वह फिल्म इंग्लिश विन्लिश से पर्दे पर वापसी कर रही हैं और खास बात यह भी है की उनके साथ अभिनेता अमिताभ बच्चन नजर आयेंगे तो श्रीदेवी के चाहनेवालों के लिए उन्हें पर्दे पर दोबारा देखने की चाहत जल्द ही पूरी होगी.